जिगरी दोस्त के बिना जीवन अधूरा लगता है।
जिनसे हो जाती है वही लोग ज़िंदगी में ख़ास बन जाते हैं।
फिर भी सबसे ज़्यादा तेरे ही साथ को चाहते हैं।
एक दोस्त ही था जिसने उम्मीदों का दीप जलाया।
वो दोस्ती दिल से निभाने वाला ही होता है।
जैसे सच्ची दोस्ती, जो बिना शर्त निभाए जाते हैं।
वो अब टूटकर गिर गया है, जैसे कांच का टुकड़ा।
मैं हर दिन यही सोचता हूँ – “तू ही है मेरा यार!”
रिश्ते इतने आसान नहीं होते, जितना हम सोचते थे,
“दोस्ती में दारू काम नहीं आती, बस दोस्त की पगड़ी बचानी पड़ती है।”
तेरी मस्ती में तो दुनिया ही पलट जाती है!
“पुरानी दोस्ती Dosti Shayari की खुशबू, आज भी दिल में महकती।”
गहरी दोस्ती के रिश्ते में झगड़े भी होते हैं,
हमसे दोस्ती की कीमत खुद को समझ कर चुकाना,